Cryptocurrency meaning in Hindi – क्रिप्टोकरेंसी क्या है? paisanews

अब दुनिया में एक नई payment system का प्रचलन बढ़ रही है; क्रिप्टोकरेंसी. शायद अब तक सभी ने Bitcoin के बारे में सुना होगा, जो पहली Cryptocurrency थी. CoinLore के मुताबिक 5,000 से अधिक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी हैं.

ज्यादातर लोगों ने क्रिप्टोकुरेंसी के बारे में सुना है लेकिन, इसे पूरी तरह से नहीं समझे हैं, कि Cryptocurrency क्या है? क्या यह सुरक्षित है और आप इसमें कैसे निवेश कर सकते हैं?

Cryptocurrency meaning in Hindi

Crypto मतलब secret (गुप्त या गोपनीय) और Currency का मतलब मुद्रा, पैसे या धन जिसे हम क्रय और विक्रय करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. यानी यह एक secret या private digital currency है.

Cryptocurrency शब्द “cryptography” नामक एन्क्रिप्शन तकनीकों से लिया गया है, जिसका उपयोग नेटवर्क को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है.

क्रिप्टोकरेंसी को अच्छी तरह से समझने के लिए इसमें इस्तेमाल होने वाले कुछ terms के बारे में हमें जानना होगा:

Ledger: सभी वित्तीय transactions (debits और credits) का हिसाब रखने के लिए जिस डॉक्युमेंट इस्तेमाल किया जाता है उससे Ledger कहते हैं.

Peer-to-Peer network: यह नेटवर्क तब बनता है, जब दो या दो से अधिक PC जुड़े होते हैं और बिना किसी सर्वर कंप्यूटर के संसाधनों को साझा करते हैं.

Blockchain: यह एक विकेन्द्रीकृत, वितरित ledger के रूप में परिभाषित किया जाता है जो अपरिवर्तनीय और पारदर्शी तरीके से digital asset को रिकॉर्ड करता है.

Cryptography: Code के उपयोग के माध्यम से सूचना और संचार का method है, ताकि जिनके लिए यह जानकारी भेजी गई केवल वही, इसे पढ़ और संसाधित कर सकें.

Mining: क्रिप्टोक्यूरेंसी में transaction की पुष्टि करने और उन्हें public ledger में जोड़ने की प्रक्रिया को mining कहा जाता हैं. इस कार्य को करने वाले व्यक्ति को, “Miners” कहते हैं, जो एक जटिल कम्प्यूटेशनल समस्या को हल करते हैं.

क्रिप्टोक्यूरेंसी क्या है?

Cryptocurrency digital या virtual, private मुद्रा (currency) है, जिसे cryptography द्वारा सुरक्षित किया जाता है. यह क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचैन तकनीक पर आधारित है. इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसे किसी भी देश, सरकार या authority द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है. यह एक विकेंद्रीकृत network है, जो सरकारी नियंत्रण और हस्तक्षेप से दूर है.

Cryptocurrency Example: Bitcoin, Dogecoin, Ripple, Ethereum etc.

क्रिप्टो करेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी जो “Bitcoin” थी. इसको जापान के Satoshi Nakamoto नाम के एक इंजीनियर ने बनाया था. शुरुआती दौर में यह उतनी प्रचलित नहीं थी, किन्तु धीरे-धीरे इसके रेट आसमान छूने लगे.

Blockchain क्या है?

ब्लॉकचेन एक विकेन्द्रीकृत तकनीक है जो कई कंप्यूटरों में फैली हुई है और सभी transaction का प्रबंधन और रिकॉर्ड करती है.

क्रिप्टोक्यूरेंसी में, बहत से लोग और उनके कंप्यूटरों का एक नेटवर्क होता है, जो public ledger को maintain करता है. इसमें किये जाने वाले किसी भी transaction को नेटवर्क में मौजूद सभी लोगों द्वारा मान्य किए जाने पर ledger में update किया जाता है. इस तकनीक को ब्लॉकचेन कहा जाता है।

मान ले एक ऐसी किताब है, जहां हर दिन आप जो पैसा खर्च कर रहे हैं उसका रिकॉर्ड है. यहां प्रत्येक page एक block के समान है, और संपूर्ण पुस्तक, एक ब्लॉकचेन है.

धोखाधड़ी को रोकने के लिए, प्रत्येक लेनदेन की जांच के लिए दो मुख्य validation techniques में से एक का उपयोग की जाती है: कार्य का प्रमाण (proof of work) या हिस्सेदारी का प्रमाण (proof of stake).

Cryptocurrency कैसे काम करता है?

  • जब हम एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में Cryptocurrency ट्रांसफर करते हैं, तब वह public ledger में update हो जाता है. अगर इस ledger को कोई एक ऑर्गेनाइजेशन या कोई एक व्यक्ति संचालन करें तो वह इसमें गड़बड़ी या हेराफेरी कर सकता है. इसलिए बहुत सारे कंप्यूटर और लोग मिलकर इसे maintain करते हैं.
  • ताकि यदि कोई एक व्यक्ति इसमें गड़बड़ी करने की कोशिश करें, तो वह data दूसरे सभी कंप्यूटर से मेल नहीं खाएगा और वह व्यक्ति पकड़ा जाएगा. Peer-to-Peer network के तहत यह काम करता है और इसके लिए जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है ब्लॉकचेन.
  • ब्लॉकचैन बैंक की तरह कार्य करती है. इसमें जो भी लेनदेन किये जाते हैं, उसका पूरा रिकॉर्ड ब्लॉकचैन में होता है. इस टेक्नोलॉजी की कुछ लोगों द्वारा पॉवरफुल कंप्यूटर्स के माध्यम से निगरानी एवं जांच की जाती हैं. यह क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग प्रोसेस कहा जाता है.
  • जैसे बैंक में क्लर्क का कार्य होता हैं, उसी तरह कार्य करने वाले व्यक्तियों को माइनर्स कहा जाता है.
  • ये माइनर्स जिनकी निगरानी में माइनिंग का प्रोसेस होता है, यह इतना आसान काम नहीं है. इसके लिए उन्हें विशेष कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर चाहिए और कुछ जटिल गणितीय कोड का समाधानल्व करना होता है. इस काम के लिए माइनर्स को उसी करेंसी में से reward दिया जाता है.
  • आपके मन में सवाल होगा कि यदि हर कंप्यूटर में यह ledger maintain हो रहा है तो क्या इसमें कोई privacy है? जी हाँ, इसके लिए इस्तेमाल होता है Cryptography का, जिसमें सबकुछ coded होता है.
  • माइनिंग प्रोसेस पूरी हो जाने के बाद एक्सचेंज प्रोसेस आती हैं, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया जाता हैं. क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से जब खरीदारी, बिक्री या उसका व्यापार करते हैं, तो कुछ wallet होते हैं जिसमे यह store रहती हैं.
  • हर क्रिप्टोकरेंसी में यह तय है कि उसमें कितने coin उत्पत्ति की जाएगी (Bitcoin 21 million). इसलिए इस करेंसी में कीमत निर्भर करता है, इसके demand (मांग) के ऊपर.

क्रिप्टोक्यूरेंसी के फायदे

  • क्रिप्टोकरेंसी पूरी तरह से सुरक्षित होने की वजह से धोखाधड़ी की उम्मीद बहुत कम है.
  • बैंक की तुलना में transaction cost बहत ही कम है.
  • आप दिन या रात के किसी भी समय लेनदेन कर सकते हैं, और खरीद और निकासी की कोई सीमा नहीं है.
  • मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव, और इसी तरह की जटिलताओं के बिना बिदेशों में किए जा सकता है.
  • बहुत सारे digital wallets है, जिनके वजह से क्रिप्टो करेंसी को खरीदना,बेचना और इन्वेस्ट करना बहुत ही आसान है.

क्रिप्टोक्यूरेंसी के नुकसान

  • क्रिप्टो करेंसी का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है, इसका मुद्रण नहीं किया जा सकता है.
  • इसको कंट्रोल करने के लिए कोई Central authority ना होने की वजह से, कोई असुविधा या शिकायत होने पर आप किसके पास जाएंगे.
  • इसका उपयोग गलत कामों जैसे हथियार की खरीद-फरोख्त, ड्रग्स, कालाबाजारी आदि के लिए आसानी से किया जा सकता है.
  • इसकी कीमत में कभी बहुत अधिक उछाल और गिरावट देखने को मिलता है, जिसकी वजह से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करना जोखिम भरा सौदा है.
  • यदि कोई ट्रांजैक्शन आपसे गलती से हो गया तो आप उसे वापस नहीं मंगा सकते हैं.

क्या Cryptocurrency भारत में Legal है

बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि क्रिप्टो करेंसी का उपयोग कानूनी रूप से सही है या नहीं! यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस देश से हैं, क्योंकि कुछ देशों में अभी भी क्रिप्टो करेंसी को कानूनी मान्यता नहीं मिली है, लेकिन यह भारत में Legal है. मगर इसमें निवेश, trade करना legal है, परंतु वैध मुद्रा (legal tender of money) नहीं है.

2018 में, RBI ने क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया और सभी बैंकों, वित्तीय संस्थाओं को उनमें व्यापार करने की अनुमति देने से प्रतिबंधित कर दिया था. इसके बाद बिटकॉइन या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी को अपने बैंक खाते से ऑनलाइन किसी क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज में फंड ट्रांसफर नहीं कर सकते थे.

लेकिन मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने RBI को कहा कि इस प्रतिबंध को हटा दिया जाए. जिसके बाद से बहुत से लोगों ने क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करना शुरू किया.

क्रिप्टोक्यूरेंसी में कैसे निवेश करें?

फिलहाल बहुत सारे वेबसाइट या apps जिनके मदद से आप क्रिप्टोकरेंसी जैसे Bitcoin, Dogecoin आदि में निवेश, खरीद, बेच सकते हैं.

  • CoinMarketCap
  • Coinbase
  • Wazirx
  • Unocoin
  • Zebpay

उम्मीद करता हूं क्रिप्टोक्यूरेंसी के बारे में दी गई जानकारी आपको बेहद पसंद आई होगी. यदि आपका इससे जुड़ा कोई सवाल है तो हमें नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं.

close